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बलिदान दिवस


आज ही के दिन राम प्रसाद बिस्‍मिल, अशफाक उल्‍ला खान और ठाकुर रोशन सिंह ने देश के लिए चूम लिया था मौत का फंदा


स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्‍मिल (Ram Prasad Bismil), अशफाक उल्‍ला खान (Ashfaqulla Khan) और ठाकुर रोशन सिंह (Roshan Singh) को 1927 में 19 दिसंबर के दिन ही फांसी दी गई थी.

हिंदुस्तान को आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ न्‍योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्‍मिल, अशफाक उल्‍ला खान और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 के दिन ही फांसी दी गई थी. इस दिन को शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है आजादी के इन मतवालों को काकोरी कांड को अंजाम देने के लिए फांसी पर चढ़ाया गया था
आज लेखनी शीश झुकाती उन मस्तों को करके याद।
जन्मभूमि के लिए सहे जिन वीरों ने अवसाद।।
उन माँओं को धन्य मानता जने जिन्होंने ऐसे लाल।
फाँसी के फंदे भी चूमे क्षणिक  नहीं रहा मलाल।।
चूम चरण रज पुण्य धरा की हम शीश नवाकर चलते हैं।
नमन शाहजहाँपुर नगरी को  शीश झुकाकर करते हैं।। 

माँ भारती के अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन एवं श्रद्धांजलि...

बलिदान दिवस...19/12/1927

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